आज का दिन क्रिकेट इतिहास में खास: जब एक भारतीय दिग्गज ने वनडे में रचा नया अध्याय
- bySagar
- 24 Feb, 2026
24 फरवरी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक यादगार तारीख है। साल 2010 में इसी दिन Sachin Tendulkar ने वनडे क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो उससे पहले कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया था। उन्होंने वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक जड़कर खेल की सोच ही बदल दी।
यह ऐतिहासिक मैच Captain Roop Singh Stadium में खेला गया था, जहां भारत का सामना South Africa national cricket team से था। इस पारी ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि वनडे क्रिकेट की सीमाओं को भी आगे बढ़ाया।
ग्वालियर में रनों का तूफान
सचिन तेंदुलकर शुरू से ही पूरे नियंत्रण में नजर आए। उन्होंने बिना जल्दबाजी किए गेंदबाजों पर दबाव बनाया। सटीक टाइमिंग, बेहतरीन शॉट सिलेक्शन और अनुभव का शानदार मेल देखने को मिला।
दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाज लगातार प्रयोग करते रहे, लेकिन सचिन की बल्लेबाजी को रोकने का कोई रास्ता नहीं मिला।
सिर्फ 147 गेंदों में दोहरा शतक
इतिहास रचने के लिए सचिन को ज्यादा गेंदों की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने 147 गेंदों में 200 रन पूरे किए। 45 ओवर के बाद वह 191 रन पर पहुंच चुके थे। अंतिम ओवरों में कम स्ट्राइक मिलने के बावजूद उन्होंने यह उपलब्धि आसानी से हासिल कर ली।
13 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
इससे पहले वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 194 रन का था, जो Saeed Anwar के नाम था। बाद में Charles Coventry ने भी इस स्कोर की बराबरी की थी। सचिन ने इस 13 साल पुराने रिकॉर्ड को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।
भारत ने फिर पार किया 400 रन का आंकड़ा
सचिन के दोहरे शतक की बदौलत भारत ने 400 से ज्यादा रन बनाए। खास बात यह रही कि तीन महीनों के भीतर यह दूसरी बार था जब भारत ने वनडे में 400 का आंकड़ा पार किया।
भारत की बड़ी जीत
इतने बड़े लक्ष्य के सामने दक्षिण अफ्रीका की टीम टिक नहीं सकी। भारत ने 153 रनों से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत की नींव सचिन की ऐतिहासिक पारी ने रखी।
किसने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड?
सचिन का रिकॉर्ड ज्यादा समय तक अटूट नहीं रहा। Virender Sehwag ने बाद में 219 रन बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
दोहरे शतकों का दौर शुरू
सचिन की इस पारी के बाद वनडे क्रिकेट में दोहरे शतकों की बाढ़ आ गई। अगले आठ सालों में छह और दोहरे शतक लगे, जिनमें से तीन Rohit Sharma के नाम रहे।
24 फरवरी 2010 ने दुनिया को दिखा दिया कि वनडे क्रिकेट में 200 रन बनाना अब सपना नहीं, हकीकत है।






