Meta Update- WhatsApp से Instagram आए जांच के घेरे में, जानिए पूरा मामला
- byJitendra
- 04 Jul, 2026
व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फैसबुक और अन्य मेटा से संबंधित सोशल मीडिया ऐप एक बार फिर भारत में जांच के दायरे में आ गये हैं, यह एक हफ़्ते के अंदर इस टेक कंपनी के ख़िलाफ़ दूसरी बड़ी कार्रवाई है। WhatsApp के प्रस्तावित यूज़रनेम फ़ीचर पर चिंता जताने के बाद, सरकार अब मेटा को तलब करने की तैयारी कर रही है। यह कार्रवाई Instagram पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट वाले पेड विज्ञापनों के आरोपों के बाद हो रही है। Instagram के कुछ विज्ञापनों से यूज़र्स को Telegram चैनलों पर भेजा जा रहा था, जहाँ कथित तौर पर ऐसा गैर-कानूनी कंटेंट बेचा जा रहा था, आइए जानते हैं पूरी डिटेल्स

Instagram विज्ञापनों को लेकर मेटा पर सरकार की नई जांच
केंद्रीय IT मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) मेटा को तलब करने की तैयारी कर रहा है। यह कार्रवाई Instagram पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापन दिखने के आरोपों के बाद हो रही है।
अधिकारी कंपनी से पूछेंगे कि ऐसे विज्ञापन Instagram के मॉडरेशन और रिव्यू सिस्टम से कैसे पास हो गए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
सरकार बच्चों से जुड़े कथित आपत्तिजनक Instagram विज्ञापनों को लेकर मेटा को तलब करने की तैयारी कर रही है।
यह कार्रवाई भारत में Instagram विज्ञापनों पर BBC की जांच के बाद हो रही है।
MeitY इस बारे में स्पष्टीकरण मांगेगा कि ऐसे विज्ञापन मेटा की रिव्यू प्रक्रिया से कैसे पास हो गए।
सरकार यह भी पूछेगी कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं।
इस हफ़्ते की शुरुआत में, मेटा को WhatsApp के प्रस्तावित यूज़रनेम फ़ीचर के संबंध में पहले ही एक नोटिस मिल चुका है।
भारत मेटा का सबसे बड़ा ग्लोबल मार्केट बना हुआ है, जहाँ इसके प्लेटफ़ॉर्म पर एक अरब से ज़्यादा यूज़र्स हैं।
BBC की जांच में क्या दावा किया गया?
Instagram पर "चाइल्ड वीडियो" और "रेप वीडियो" जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके पेड विज्ञापन दिखाए गए।
इन विज्ञापनों पर क्लिक करने से यूज़र्स कथित तौर पर Telegram चैनलों पर पहुँच जाते थे, जहाँ ₹99 में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा कंटेंट बेचा जा रहा था।
यह जांच भारत में बनाए गए एक नए Instagram अकाउंट का इस्तेमाल करके की गई थी।
कुछ ही दिनों में, अकाउंट पर बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक पोस्ट और विज्ञापन आने लगे।
BBC ने कहा कि उसने ऐसे लगभग 30 विज्ञापनों और उनसे जुड़े Telegram चैनलों की जानकारी भारतीय अधिकारियों के साथ साझा की।

Instagram के विज्ञापन रिव्यू सिस्टम पर सवाल
सरकार यह समझना चाहती है कि मेटा की मॉडरेशन प्रक्रिया के बावजूद इन विज्ञापनों को मंज़ूरी कैसे मिली।
BBC की रिपोर्ट के अनुसार:
Instagram ने शुरू में एक रिपोर्ट किए गए विज्ञापन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इससे कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन नहीं हुआ है। मेटा ने बाद में माना कि कोई भी मॉडरेशन सिस्टम पूरी तरह से फूलप्रूफ (गलती-रहित) नहीं होता है।
कंपनी ने बताया कि उसने:
कई आपत्तिजनक विज्ञापनों को हटाया है।
उन्हें पोस्ट करने वाले अकाउंट्स को सस्पेंड किया है।
कई URL को ब्लॉक किया है।
पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले अन्य अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की है।
सरकार ने मांगा विस्तृत स्पष्टीकरण
ये कथित विज्ञापन इंस्टाग्राम के रिव्यू सिस्टम से कैसे बच निकले।
शुरुआत में प्लेटफॉर्म इनकी पहचान उल्लंघन के तौर पर क्यों नहीं कर पाया।
मेटा किन तकनीकी और पॉलिसी संबंधी सुधारों को लागू करने की योजना बना रहा है।
भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जाएगा।
WhatsApp का यूज़रनेम फ़ीचर भी समीक्षा के दायरे में
एक हफ़्ते में यह दूसरी बार है जब मेटा को सरकारी जांच का सामना करना पड़ा है।
इससे पहले, केंद्र सरकार ने WhatsApp के प्रस्तावित यूज़रनेम फ़ीचर को लेकर नोटिस जारी किया था और चिंता जताई थी कि इससे इन खतरों में बढ़ोतरी हो सकती है:
ऑनलाइन धोखाधड़ी।
फ़िशिंग हमले।
पहचान की नकल (identity impersonation)।




