Petrol Diesel Price Today: सुबह 6 बजे जारी हुए नए रेट, जानें आपके शहर में क्या है ताजा कीमत
- bySagar
- 14 Feb, 2026
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर दिन सुबह 6 बजे तेल विपणन कंपनियों द्वारा अपडेट की जाती हैं। 14 फरवरी 2026 को जारी ताजा दरों के अनुसार कई प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कुछ स्थानों पर मामूली अंतर देखने को मिला है। ईंधन की कीमतों का सीधा असर आम लोगों के दैनिक खर्च, परिवहन लागत और वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है, इसलिए इनके बारे में नियमित जानकारी रखना जरूरी है।
सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
देश में पेट्रोल और डीजल के दाम हर दिन अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स संरचना के आधार पर तय होते हैं। तेल विपणन कंपनियां हर सुबह 6 बजे नई दरें जारी करती हैं ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सटीक जानकारी मिल सके। हालांकि पिछले कुछ समय से कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी या गिरावट नहीं हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट
14 फरवरी 2026 को जारी नए रेट के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें इस प्रकार हैं:
- नई दिल्ली: पेट्रोल ₹94.72 प्रति लीटर | डीजल ₹87.62 प्रति लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 प्रति लीटर | डीजल ₹92.15 प्रति लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 प्रति लीटर | डीजल ₹90.76 प्रति लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹100.75 प्रति लीटर | डीजल ₹92.34 प्रति लीटर
- अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.49 प्रति लीटर | डीजल ₹90.17 प्रति लीटर
- बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 प्रति लीटर | डीजल ₹89.02 प्रति लीटर
- हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.46 प्रति लीटर | डीजल ₹95.70 प्रति लीटर
- जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 प्रति लीटर | डीजल ₹90.21 प्रति लीटर
- लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 प्रति लीटर | डीजल ₹87.80 प्रति लीटर
- पुणे: पेट्रोल ₹104.04 प्रति लीटर | डीजल ₹90.57 प्रति लीटर
- चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 प्रति लीटर | डीजल ₹82.45 प्रति लीटर
- इंदौर: पेट्रोल ₹106.48 प्रति लीटर | डीजल ₹91.88 प्रति लीटर
- पटना: पेट्रोल ₹105.58 प्रति लीटर | डीजल ₹93.80 प्रति लीटर
- सूरत: पेट्रोल ₹95.00 प्रति लीटर | डीजल ₹89.00 प्रति लीटर
- नासिक: पेट्रोल ₹95.50 प्रति लीटर | डीजल ₹89.50 प्रति लीटर
इन आंकड़ों से साफ है कि अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर मुख्य रूप से टैक्स और स्थानीय शुल्क के कारण होता है।
पिछले दो साल से कीमतें क्यों हैं स्थिर
मई 2022 के बाद केंद्र और कई राज्यों ने ईंधन पर टैक्स में कटौती की थी, जिसके बाद कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहता है, लेकिन भारतीय बाजार में इसका असर सीमित रहा है। सरकार और तेल कंपनियां उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ न पड़े, इसके लिए कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश करती हैं।
किन कारकों से तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
1. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत:
पेट्रोल और डीजल कच्चे तेल से बनते हैं। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है, तो इसका सीधा असर ईंधन की कीमतों पर पड़ता है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति:
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है और ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं।
3. टैक्स और सरकारी शुल्क:
केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल और डीजल पर अलग-अलग टैक्स लगाती हैं। यही कारण है कि हर शहर में कीमत अलग होती है।
4. रिफाइनिंग और परिवहन लागत:
कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की प्रक्रिया और उसे विभिन्न स्थानों तक पहुंचाने में लागत आती है, जो अंतिम कीमत में शामिल होती है।
5. मांग और आपूर्ति:
यदि बाजार में ईंधन की मांग बढ़ती है, तो कीमतें भी बढ़ सकती हैं। त्योहारों और यात्रा के मौसम में मांग अधिक रहती है।
SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर का रेट
आप अपने मोबाइल फोन से भी आसानी से पेट्रोल और डीजल की कीमत जान सकते हैं:
- Indian Oil: RSP <City Code> लिखकर 9224992249 पर भेजें
- BPCL: RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें
- HPCL: HPPRICE लिखकर 9222201122 पर भेजें
आम लोगों पर सीधा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल वाहन चालकों को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि इसका असर परिवहन, खाद्य पदार्थों, किराया और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। इसलिए ईंधन के दामों में स्थिरता आम जनता के लिए राहत का संकेत है।
14 फरवरी 2026 को जारी नए रेट के अनुसार देश के अधिकांश शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर और सरकारी टैक्स जैसे कारक भविष्य में कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को नियमित रूप से ईंधन के दामों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि वे अपने खर्चों की बेहतर योजना बना सकें।






